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सीखें · महाराष्ट्र

क्या गैर-किसान महाराष्ट्र में खेती की ज़मीन खरीद सकता है?

सिर्फ़ कलेक्टर की इजाज़त से, जो डीड से पहले मिली हो। महाराष्ट्र टेनेंसी ऐंड एग्रीकल्चरल लैंड्स ऐक्ट 1948 का सेक्शन 63 इसके बिना गैर-किसान को खेती की ज़मीन की बिक्री, तोहफ़ा, अदला-बदली या लीज़ रोकता है, और खेती करने की इच्छा इसे नहीं बदलती। डेवलपमेंट या रीजनल प्लान में गैर-कृषि इस्तेमाल के लिए चिह्नित ज़मीन इससे बाहर है।

सेक्शन 63 क्या कहता है?

खेती की ज़मीन की गैर-किसान को बिक्री, तोहफ़ा, अदला-बदली, लीज़ या कब्ज़े वाला गिरवी (पज़ेसरी मॉर्गेज) कलेक्टर की इजाज़त के बिना मना है। यही रोक उस किसान पर भी है जिसकी ज़मीन इससे सीलिंग एरिया के दो-तिहाई से ज़्यादा हो जाएगी।

सेक्शन 63(1), महाराष्ट्र टेनेंसी ऐंड एग्रीकल्चरल लैंड्स ऐक्ट 1948, बेयर ऐक्ट में पढ़ा · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

2026 का संशोधन (महाराष्ट्र ऐक्ट XVIII of 2026, 15 अप्रैल 2026 से लागू) सेक्शन 43 और 63-1A बदलता है, सेक्शन 63 नहीं।

महाराष्ट्र सरकार का गज़ट, 15 अप्रैल 2026 · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

आप किसान हैं, यह कैसे साबित करें?

व्यवहार में, ज़मीन के रिकॉर्ड से: आपका अपना 7/12, जिसमें आपके नाम पहले से खेती की ज़मीन दिखे। दूसरे राज्य की ज़मीन गिनी जाएगी या नहीं, यह तय नहीं है। 1980 का बॉम्बे हाई कोर्ट का एक फ़ैसला हाँ की ओर झुकता है, पर उस मामले में महाराष्ट्र में खेती के सबूत भी थे, और बाद का कोई फ़ैसला इसे तय नहीं करता। यह आपका वकील तय करेगा।

सेक्शन 63, MTALA 1948; बॉम्बे हाई कोर्ट का 25 जुलाई 1980 का फ़ैसला · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

क्या सेक्शन 63(1C) खेती का रास्ता है?

नहीं। महाराष्ट्र ऐक्ट 1 of 2016 से जुड़ा यह सेक्शन उस ज़मीन से रोक हटाता है जो ड्राफ़्ट या फ़ाइनल डेवलपमेंट या रीजनल प्लान में गैर-कृषि इस्तेमाल के लिए चिह्नित है। खरीदार को पाँच साल में ज़मीन उस इस्तेमाल में लानी होती है, जो सालाना नॉन-यूटिलाइज़ेशन चार्ज देकर पाँच साल और बढ़ सकते हैं, और दस साल के भीतर उस इस्तेमाल में न आई ज़मीन दोबारा बेचने पर ट्रांसफ़र चार्ज लगता है। यह प्लान के चिह्न वाला रास्ता है, खेती वाला नहीं।

सेक्शन 63(1C), MTALA 1948 (महाराष्ट्र ऐक्ट 1 of 2016) · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

पहले से कन्वर्ट हुई ज़मीन इस रोक से बाहर है। 31 दिसंबर 2025 से, जहाँ प्लान उस इस्तेमाल की इजाज़त देता है, अलग NA आदेश नहीं लगता: एक बार का प्रीमियम दिया जाता है, और फिर 7/12 बदला जाता है।

महाराष्ट्र ऐक्ट LVII of 2025, 31 दिसंबर 2025 से लागू · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

वर्ग 2 की ज़मीन का खरीदार के लिए क्या मतलब है?

भोगवटादार वर्ग 2 की ज़मीन पर ट्रांसफ़र की रोक होती है, और जहाँ कलेक्टर की पहले से इजाज़त ज़रूरी है, वहाँ उसके बिना ट्रांसफ़र शून्य है। ज़मीन को गैर-कृषि इस्तेमाल में बदलने से उसका वर्ग नहीं बदलता। वर्ग 7/12 पर पढ़िए, और फिर आख़िरी फेरफार में।

महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड 1966, सेक्शन 29(3), 36(1) और 61; महाराष्ट्र ऐक्ट LVII of 2025 · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

फ़्रैग्मेंटेशन का स्टैंडर्ड एरिया क्या है?

गैर-कृषि ज़ोन से बाहर किसी सर्वे नंबर से काटा जा सकने वाला सबसे छोटा टुकड़ा। दक्षिण कोंकण तट पर, अगस्त 2023 की अधिसूचना के तहत, यह 20 R सूखी और 10 R सिंचित ज़मीन है (करीब 20 और 10 गुंठे)। इससे छोटा टुकड़ा बनाने वाला ट्रांसफ़र शून्य है। 2 से 5 गुंठे का “फ़ार्म प्लॉट” ख़तरे का निशान है।

महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ़ फ़्रैग्मेंटेशन ऐंड कंसॉलिडेशन ऑफ़ होल्डिंग्स ऐक्ट 1947, सेक्शन 8 और 9; 8 अगस्त 2023 की अधिसूचना (सेकंडरी सोर्स) · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा

पहले क्या पढ़ें?

  1. 7/12: धारक, वर्ग, एरिया, कोई किरायेदार और उस पर क्या दर्ज है। यह रिकॉर्ड है, मालिकाना हक़ का सबूत नहीं। इसे कॉलम दर कॉलम कैसे पढ़ें।महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू कोड 1966, सेक्शन 157 · 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा
  2. उसके पीछे की फेरफार एंट्री, जड़ तक, और गाँव में बेचने वाले के नाम बाकी हर प्लॉट के लिए Form 8-A।
  3. प्लॉट डेवलपमेंट या रीजनल प्लान के किसी चिह्न में है या नहीं: इसी से तय होता है कि आपको कलेक्टर की ज़रूरत है भी या नहीं।

26 अक्टूबर 2026 को जाँचा: ऊपर की हर कानूनी लाइन, Vassoka के लॉ रजिस्टर से। यह गाइड है, कानूनी सलाह नहीं; प्लॉट पर आपका वकील पुष्टि करता है।

आगे पढ़ें

क्या आप खरीद सकते हैं? पर अपना रास्ता देखिए, या शब्दावली में सेक्शन 63 और सीखें पेज की बाकी गाइड पढ़िए।